Thursday, March 29, 2012

pratham adhyaay.......

                                                            अर्जुन का विषाद
किसी विशेष परिस्थित  में व्यक्ति का मुह सूखना ,अंग शिथिल होना शरीर में कम्पन होना ,और रोंगटे खड़े होजाना उस व्यक्ति की ऐसी दशा को दर्शाता है जिसमे उसका अपने शरीर पर नियंत्रण नहीं रह जाता विशेषतया उस शोक या भय की अवस्था में   जब मन में  विषाद प्रवेश कर जाए ।ऐसा तब होता है  जब  अपने निकट रहने वाले प्रियजन   की मृत्यु उसे निकट लग रही हो.   ऐसी परिस्थिति में उपरोक्त शारीरिक ,भौतिक लक्षण दिखाई देते हैं. अर्जुन ने युद्ध-क्षेत्र में  जब अपने परिजनों, पुर्जनों, मित्रों, बंधुओं, आदि को देखा की सभी युद्ध में दुर्योधन का साथ देने या पाण्डवों के पक्ष में युद्ध करने आये हैं तो उसका मनन विचलित हो गया. 

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